सहकारिता विभाग में 21 साल से नहीं हुई नई भर्ती

चंबा। सरक ार की अनदेखी के कारण जिला चंबा में सहकारिता योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। इस बात का इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि सहकारिता विभाग में पिछले 21 साल में एक भी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण विभाग के बंद होने की नौबत आ गई है और सोसायटियां को भी संरक्षण नहीं मिल पा रहा है। विभाग में जैसे-जैसे कर्मचारी रिटायर व प्रमोट होते जा रहे हैं एक-एक करके पद खाली होते जा रहे हैं, लेकिन कोई नई नियुक्ति नहीं हो रही। मौजूदा समय में हालात ऐसे हैं कि विभाग के लिए स्वीकृत 65 पदों में से 48 पद खाली पड़े हुए हैं। मात्र 17 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से छह पद चपरसी के भरे हुए है और एक ड्राइवर का। यहां तक कि जिला में विभाग के मुखिया यानी सहायक पंजयीक तक का पद खाली पड़ा हुआ है। इसके अलावा जिला के लिए स्वीकृत निरीक्षकों के 17 पदों में से 15 खाली चल रहे हैं और मात्र दो निरीक्षक ही पूरे जिला को संभाल रहे हैं। जिला में लिपिक के दस पद स्वीकृत हैं। इसमें सभी पद खाली चल रहे हैं। विभाग में चपड़ासी के 16 पद स्वीकृत हैं। इसमें केवल छह पद भरे हुए है और 10 पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा स्टेनो का एकमात्र पद भी नहीं भरा जा सका है। यह पद 1995 से खाली चल रहा है। स्टाफ की कमी के कारण जिला में सहकारिता विभाग के सौजन्य से चलाई जा रही सोसायटियां खत्म होने की कगार पर है। इस संदर्भ में जिला अंकेक्षण अधिकारी तिलक राज चंद्रा ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण विभाग का कामकाज काफी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
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तीन कर्मियों की लगा दी है इलेक्शन ड्यूटी
सहकारिता विभाग में एक तो स्टाफ की भारी किल्लत चल रही है, वहीं लोकसभा चुनावों के चलते तीन कर्मचारियों की इलेक्शन ड्युटी लगा दी है। इससे विभाग पूरी तरह से खाली हो गया है। कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग के कई काम रूके पड़े हैं।

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